
सार्थक टाइम्स न्यूज –
अयोध्या के आचार्य नरेंद्र देव रेलवे स्टेशन पर शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 25 वर्षीय युवक मंदीप कुमार की वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद रेलवे प्रशासन, जीआरपी और आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि समय पर उपचार मिल जाता तो युवक की जान बच सकती थी।
मृतक मंदीप कुमार पुत्र स्वर्गीय सुरेश चंद्र निवासी वैदेही नगर कॉलोनी, मोहल्ला बच्चरा, अयोध्या के रहने वाले थे। वहीं उनका अस्थायी पता इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुहववां कलेसर, जनपद अंबेडकरनगर बताया गया है। उनकी माता का नाम राधिका देवी है।
जानकारी के अनुसार मंदीप अपने दोस्तों के साथ रेलवे स्टेशन पर मौजूद थे। इसी दौरान करीब दोपहर 2:30 बजे वह वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि उनके दोनों पैर कट गए और वह प्लेटफॉर्म पर गंभीर हालत में पड़े तड़पते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद काफी देर तक न तो रेलवे प्रशासन सक्रिय हुआ और न ही जीआरपी या स्टेशन कर्मचारियों ने युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। आरोप है कि एंबुलेंस भी समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिसके चलते युवक काफी देर तक प्लेटफॉर्म पर दर्द से कराहता रहा।

परिजनों के मुताबिक सूचना मिलने पर जब परिवार मौके पर पहुंचा तो उन्होंने स्वयं युवक को उठाया। आरोप है कि शरीर के कटे हुए हिस्सों को भी परिवार वालों ने ही इकट्ठा किया और फिर उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पिता स्वर्गीय सुरेश चंद्र रेलवे विभाग में कर्मचारी रह चुके थे, जबकि उनके बड़े भाई वर्तमान में सुल्तानपुर में रेलवे विभाग में कार्यरत हैं। इसके बावजूद परिवार ने विभागीय लापरवाही और संवेदनहीनता के गंभीर आरोप लगाए हैं।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश व्याप्त है। यह हादसा एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर आपातकालीन स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहा है।
ज्ञान सिंह सार्थक टाइम्स









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