
सार्थक टाइम्स न्यूज़-
लखनऊ से क्राइम से जुड़ी एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद के कुशल नेतृत्व में लगातार प्रभावी कार्रवाई करते हुए पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत थाना बिजनौर पुलिस ने महिलाओं को निशाना बनाकर की गई लूट की सनसनीखेज वारदात का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। यह घटना 4 मई 2026 की सुबह की है, जब दो महिलाएं मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। इसी दौरान एक वैगनआर कार में सवार बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया। आरोपियों ने पहले महिलाओं से बातचीत शुरू की, उन्हें झांसे में लिया और फिर अचानक डराते-धमकाते हुए उनके गले से मंगलसूत्र और कानों की बालियां छीन लीं। विरोध करने पर बदमाशों ने मारपीट तक की और मौके से फरार हो गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने करीब 100 से 150 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की। लगातार प्रयास के बाद 5 मई 2026 को पुलिस ने अलीनगर खुर्द अंडरपास के पास से तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में अजय रावत उर्फ रानी (ट्रांसजेंडर), आकाश गुप्ता उर्फ कमौलिका उर्फ (ट्रांसजेंडर) और रफीक अहमद शामिल हैं, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है जिसकी तलाश जारी है।
पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया, वह बेहद चौंकाने वाला है। यह गिरोह खास तौर पर महिलाओं को निशाना बनाता था। आरोपी पहले सुनसान जगहों पर महिलाओं को रोकते, उनसे शादी या घरेलू बातचीत का बहाना बनाकर संपर्क बनाते और फिर मौका मिलते ही डराकर और दबाव बनाकर उनके गहने लूट लेते थे। कई बार ये लोग मानसिक दबाव बनाने के लिए अशोभनीय हरकतें भी करते थे और विरोध करने पर मारपीट से भी पीछे नहीं हटते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत कार से फरार हो जाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अदद मंगलसूत्र पीली धातु, दो अदद कान की बालियां पीली धातु तथा घटना में प्रयुक्त वैगनआर कार बरामद की है। इस मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में थाना बिजनौर पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। टीम में प्रभारी निरीक्षक कपिल गौतम, उपनिरीक्षक प्रशांत सिंह, उपनिरीक्षक तेजवीर सिंह, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार, उपनिरीक्षक गजेन्द्र सिंह, मुख्य आरक्षी पूजा, कांस्टेबल ,दिनेश चौधरी और कांस्टेबल , संजय कुमार शामिल रहे, जिनकी सतर्कता और मेहनत से यह खुलासा संभव हो पाया।
लखनऊ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि अपराधियों के लिए अब शहर में कोई जगह नहीं है। हालांकि इस घटना ने यह भी दिखा दिया है कि अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर खासतौर पर महिलाओं को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें, खासकर सुबह और शाम के समय सुनसान इलाकों में अकेले निकलने से बचें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से दूरी बनाए रखें। पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
ज्ञान सिंह ब्यूरो सार्थक टाइम्स न्यूज










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