Home » उत्तर प्रदेश » रील के चक्कर में उजड़ गई ज़िंदगी: एक मासूम की मौत, दो जिंदगी और मौत से जंग में… 16 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

रील के चक्कर में उजड़ गई ज़िंदगी: एक मासूम की मौत, दो जिंदगी और मौत से जंग में… 16 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सार्थक टाइम्स

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जो हर माता-पिता और युवाओं के लिए बड़ा सबक है।
कुछ सेकंड की “रील” और सोशल मीडिया पर दिखावे की चाह ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया, जबकि दो बच्चे अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पांच किशोर रील बनाने के लिए करीब 60 फीट ऊंची जर्जर पानी की टंकी पर चढ़ गए। दो बच्चे ऊपर पहुंच चुके थे, तभी पीछे से चढ़ रहे तीन बच्चों के नीचे लगी सीढ़ी अचानक टूट गई।
तीनों बच्चे सीधे नीचे जा गिरे। हादसे में 14 वर्षीय एक मासूम की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है।
उधर, टंकी के ऊपर फंसे दो बच्चों को बचाने के लिए पूरा प्रशासन रातभर संघर्ष करता रहा।


डीएम, एसपी समेत पुलिस-प्रशासन की टीमें करीब 16 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं। हाइड्रोलिक मशीन मंगाई गई, लेकिन टंकी के चारों तरफ फैले करीब 130 मीटर दलदल ने राहत कार्य रोक दिया।
फिर प्रशासन ने रातों-रात सड़क बनवाने का फैसला किया। मजदूर और मशीनें पूरी रात जुटी रहीं, 100 मीटर से ज्यादा रास्ता भी तैयार हो गया, लेकिन बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। हालात और मुश्किल हो गए।
आखिरकार सेना से मदद मांगी गई। सुबह तड़के गोरखपुर से पहुंचे सेना के हेलीकॉप्टर ने मात्र 9 मिनट के अंदर दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
सोशल मीडिया की चमक के पीछे भागते युवाओं को यह घटना एक बड़ा संदेश देती है —
रील कुछ सेकंड की होती है, लेकिन एक गलती पूरी जिंदगी खत्म कर सकती है।
खतरनाक जगहों पर वीडियो बनाना, ऊंची इमारतों, ट्रेनों, टंकियों और पुलों पर स्टंट करना बहादुरी नहीं, बल्कि मौत को दावत देना है।

ज्ञान सिंह ब्यूरो

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