
डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के निर्देशन में लागू हुआ हाईटेक डायवर्जन प्लान, रात दिन मैदान में डटी है ट्रैफिक टीम — कामता, हाईकोर्ट रोड और शहीद पथ पर दिखने लगा असर
लखनऊ | सार्थक टाइम्स
राजधानी लखनऊ के सबसे व्यस्त और संवेदनशील ट्रैफिक प्वाइंट्स में शामिल कामता चौराहे पर आखिरकार ट्रैफिक विभाग ने बड़ा और रणनीतिक फैसला लागू कर दिया है। वर्षों से जाम, अव्यवस्थित कटिंग, रोडवेज बसों के दबाव और अनियंत्रित ट्रैफिक मूवमेंट की समस्या झेल रहे कामता चौराहे को राहत दिलाने के लिए अब एक व्यापक मेगा ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू कर दिया गया है। यह व्यवस्था फिलहाल 15 दिनों के ट्रायल बेसिस पर लागू की गई है, लेकिन जिस प्रकार शुरुआती असर देखने को मिल रहा है, उससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में राजधानी के इस सबसे दबाव वाले क्षेत्र में लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
इस नई व्यवस्था को डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के निर्देशन में लागू किया गया है। ट्रैफिक विभाग द्वारा इस पूरे प्लान को केवल कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर उतारने के लिए रातभर विशेष अभियान चलाया गया। विभूति खंड क्षेत्र के ट्रैफिक इंस्पेक्टर वेंकटेश्वर सिंह और सहायक ट्रैफिक इंस्पेक्टर हृदय नारायण यादव ने अपनी पूरी टीम के साथ देर रात तक मौके पर रहकर बैरिकेडिंग, डायवर्जन रूट, गेटिंग सिस्टम और ट्रैफिक फ्लो को व्यवस्थित किया, ताकि सुबह से नई व्यवस्था सुचारू रूप से लागू हो सके।
कामता चौराहे की स्थिति लंबे समय से राजधानी की सबसे बड़ी ट्रैफिक चुनौतियों में शामिल रही है। शहीद पथ, फैजाबाद रोड, पॉलिटेक्निक, अवध बस स्टैंड, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान और हाईकोर्ट रोड जैसे प्रमुख मार्गों का ट्रैफिक इसी चौराहे से होकर गुजरता है। सुबह और शाम के समय यहां वाहनों का दबाव इतना अधिक हो जाता था कि लोगों को कई किलोमीटर लंबे जाम का सामना करना पड़ता था। कई बार एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाएं भी जाम में फंस जाती थीं। ऐसे में ट्रैफिक विभाग पर लगातार दबाव था कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने एक नया और व्यापक डायवर्जन प्लान तैयार किया, जिसमें केवल ट्रैफिक मोड़ने की व्यवस्था नहीं बल्कि पूरे रूट सिस्टम को नए तरीके से व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है। इस व्यवस्था की खास बात यह है कि इसे केवल ट्रैफिक विभाग नहीं बल्कि कई थानों और प्रशासनिक इकाइयों के संयुक्त समन्वय से लागू किया जा रहा है।
संयुक्त निगरानी में चल रही पूरी ट्रैफिक व्यवस्था
इस महत्वपूर्ण ट्रैफिक प्लान की निगरानी के लिए डीसीपी ट्रैफिक , मौके पर पहुंचकर पूरे ट्रैफिक डायवर्जन का जायजा लिया वही पीआरओ सूरज पाण्डेय भी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने जमीनी स्तर पर पूरे डायवर्जन सिस्टम का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विभिन्न रूटों का मुआयना कर यह सुनिश्चित किया कि किसी भी दिशा में ट्रैफिक का अनावश्यक दबाव न बने।
नई व्यवस्था को सफल बनाने के लिए कई थानों की संयुक्त भागीदारी सुनिश्चित की गई है। पॉलिटेक्निक की ओर ट्रैफिक नियंत्रण की जिम्मेदारी थाना गाजीपुर प्रभारी को दी गई है, जबकि फैजाबाद रोड की ओर व्यवस्था संभालने के लिए थाना प्रभारी चिनहट दिनेश चंद तिवारी को विशेष रूप से तैनात किया गया है। इसके अलावा विभूति खंड थाना प्रभारी भी लगातार मौके पर मौजूद रहकर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में योगदान दे रहे हैं। चौकी क्षेत्रों के चौकी इंचार्जों को भी अलग-अलग प्वाइंट्स पर लगाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।
अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी का असर भी देखने को मिल रहा है। जहां पहले छोटी सी रुकावट कई किलोमीटर लंबे जाम का कारण बन जाती थी, वहीं अब ट्रैफिक पुलिस मौके पर तत्काल निर्णय लेकर वाहनों का फ्लो बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
नई ट्रैफिक व्यवस्था: विस्तार से समझिए पूरा डायवर्जन प्लान

शहीद पथ से आने वाले वाहनों के लिए नई व्यवस्था
शहीद पथ से आने वाले जिन वाहनों को टेढ़ी पुलिया की तरफ जाना है, उन्हें अब सीधे डायवर्जन रूट से भेजा जा रहा है। इसके अलावा कुछ वाहनों को सीधे फैजाबाद रोड की तरफ भी जाने की सुविधा दी गई है। वाहन चालकों को यू-टर्न का प्रयोग कर अपनी दिशा में आगे बढ़ने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे मुख्य चौराहे पर वाहनों का दबाव कम हो सके।
पहले यही वाहन सीधे चौराहे पर आकर ट्रैफिक को बाधित करते थे, जिससे कुछ ही मिनटों में जाम की स्थिति बन जाती थी। नई व्यवस्था के बाद ट्रैफिक को अलग-अलग दिशाओं में विभाजित किया गया है, जिससे वाहन एक ही बिंदु पर इकट्ठा न हों।
रोडवेज अवध बस स्टैंड से फैजाबाद की ओर जाने वाले वाहनों के लिए विशेष रूट
अवध बस स्टैंड से निकलने वाले वाहन अब सीधे मुख्य चौराहे पर दबाव नहीं बनाएंगे। ऐसे वाहनों को शहीद पथ की सर्विस रोड से होते हुए विजयीपुर अंडरपास और चिनहट चौराहा के मार्ग के जरिए उनके गंतव्य तक भेजा जा रहा है।
फैजाबाद, बस्ती और इंदिरा नहर होते हुए पूर्वांचल की ओर जाने वाले वाहनों को अब नए वैकल्पिक मार्ग दिए गए हैं। इससे मुख्य चौराहे पर भारी वाहनों और रोडवेज बसों का दबाव कम करने में मदद मिल रही है।
फैजाबाद रोड से आने वाले वाहनों के लिए नया सिस्टम
फैजाबाद रोड से आने वाले जो वाहन शहीद पथ की ओर जाना चाहते हैं, उन्हें अब पहले रोलेक्स कटिंग से नीचे उतरना होगा। इसके बाद करीब 50 मीटर आगे जाकर राइट टर्न लेकर वे शहीद पथ पर चढ़ सकेंगे।
इसके अलावा विजयीपुर अंडरपास का विकल्प भी खुला रखा गया है, ताकि वाहनों को अतिरिक्त विकल्प मिल सके। ट्रैफिक विभाग का मानना है कि इससे मुख्य चौराहे पर राइट टर्न लेने वाले वाहनों का दबाव कम होगा और ट्रैफिक फ्लो लगातार बना रहेगा।
इसी तरह कामता ओवरब्रिज के ऊपर से गुजरने वाले वाहन अब इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, पॉलिटेक्निक, हजरतगंज, मेडिकल कॉलेज और लोहिया अस्पताल की ओर आसानी से जा सकेंगे। इससे शहर के मध्य क्षेत्र की ओर जाने वाले वाहनों को भी राहत मिलेगी।
रोडवेज बसों के लिए अलग विशेष व्यवस्था
नई ट्रैफिक योजना में रोडवेज बसों के लिए भी अलग व्यवस्था बनाई गई है। आलमबाग और कैसरबाग की ओर जाने वाली रोडवेज बसों को अब विजयीपुर अंडरपास के रास्ते भेजा जा रहा है।
ये बसें इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, पिकप भवन, 1090 चौराहा और लालबत्ती मार्ग से होकर आगे जाएंगी। इससे मुख्य कामता चौराहे पर रोडवेज बसों का दबाव कम होगा और छोटे वाहनों को भी बेहतर मूवमेंट मिल सकेगा।
ट्रैफिक विभाग ने इस संबंध में रोडवेज के ARM से भी समन्वय स्थापित किया है, ताकि बस संचालन में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
अवध बस स्टैंड फ्लाईओवर के नीचे लगा प्रतिबंध
नई व्यवस्था के तहत अवध बस स्टैंड फ्लाईओवर के नीचे से अब कोई भी वाहन पॉलिटेक्निक की ओर नहीं जा सकेगा। यह पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
अब सभी वाहनों को केवल निर्धारित डायवर्जन रूट का पालन करना अनिवार्य होगा। ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि इस एक बदलाव से ही चौराहे पर बनने वाले बड़े जाम को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
पॉलिटेक्निक से आने वाले वाहनों के लिए राहत
पॉलिटेक्निक की ओर से आने वाले वाहन अब सीधे फैजाबाद की ओर जा सकेंगे। पहले यहां रुकावट और कटिंग के कारण लंबा जाम लगता था, लेकिन नई व्यवस्था में वाहनों की क्षमता के अनुसार ट्रैफिक को लगातार चलाने का प्रयास किया जा रहा है।
यदि पॉलिटेक्निक से आते समय किसी वाहन को शहीद पथ की ओर जाना हो तो उसे राइट टर्न लेकर सीधे शहीद पथ पर चढ़ने की सुविधा दी गई है। इससे ट्रैफिक का फ्लो बना रहेगा और अनावश्यक रुकावट कम होगी।
साइन बोर्ड और हाईटेक निगरानी से व्यवस्था होगी और मजबूत
आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक विभाग द्वारा जगह-जगह यू-टर्न, डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों से संबंधित साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इन साइन बोर्डों का उद्देश्य वाहन चालकों को भ्रम की स्थिति से बचाना और उन्हें पहले से सही दिशा की जानकारी देना है।
इसके साथ ही कामता चौराहे और आसपास के इलाकों में हाई क्वालिटी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे ट्रैफिक की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। किसी भी जगह ट्रैफिक दबाव बढ़ने पर कंट्रोल रूम से तुरंत सूचना देकर मौके पर पुलिस बल भेजा जाएगा।
हाईटेक मॉनिटरिंग के जरिए ट्रैफिक विभाग भविष्य में इस पूरे मॉडल को राजधानी के अन्य व्यस्त चौराहों पर भी लागू करने की तैयारी में है।
शुरुआती असर: हाईकोर्ट रोड पर जाम खत्म, फैजाबाद रोड पर अब भी दबाव
नई ट्रैफिक व्यवस्था लागू होने के बाद शुरुआती असर भी सामने आने लगा है। सुबह के समय कामता चौराहे पर जाम की स्थिति पहले की तुलना में काफी नियंत्रित दिखाई दी। हाईकोर्ट रोड पर जहां पहले भारी जाम लगा रहता था, वहां अब ट्रैफिक काफी हद तक सुचारू हो गया है।
हालांकि शाम के समय कामता चौराहे पर अभी भी भारी दबाव देखने को मिल रहा है। फैजाबाद रोड पर वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण वहां जाम की स्थिति बनी हुई है। लेकिन ट्रैफिक विभाग का कहना है कि जैसे-जैसे लोग नए डायवर्जन रूट को समझेंगे, स्थिति और बेहतर होगी।
अधिकारियों के अनुसार फिलहाल यह ट्रायल का शुरुआती चरण है और जनता की प्रतिक्रिया तथा ट्रैफिक मूवमेंट का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है। जहां जरूरत महसूस होगी वहां बदलाव भी किए जाएंगे।
15 दिन का ट्रायल तय करेगा भविष्य
यह नई ट्रैफिक व्यवस्था फिलहाल 15 दिनों के ट्रायल बेसिस पर लागू की गई है। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस यह देखेगी कि जाम की स्थिति में कितना सुधार हुआ, किन रूटों पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है और जनता को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
यदि ट्रायल सफल रहता है तो इस व्यवस्था को स्थायी रूप से लागू किया जा सकता है। राजधानी में बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए ट्रैफिक विभाग इसे एक बड़े मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी में है।
कामता चौराहे पर लागू यह मेगा ट्रैफिक प्लान केवल एक डायवर्जन व्यवस्था नहीं बल्कि राजधानी के ट्रैफिक सिस्टम को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयोग माना जा रहा है। अब निगाहें अगले 15 दिनों पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि राजधानी को जाम से कितनी स्थायी राहत मिलती है।
सार्थक टाइम्स समाचार










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