राजधानी लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र से सामने आई इस सनसनीखेज वारदात ने इंसानियत और रिश्तों को झकझोर कर रख दिया है, जहां एक पिता ने अपनी ही नाबालिग बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा जलाकर शव को नहर में फेंक दिया। इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की क्राइम ब्रांच/सर्विलांस टीम (पूर्वी जोन) और थाना चिनहट पुलिस की संयुक्त टीम ने तेज़ी और सूझबूझ के साथ करते हुए आरोपी पिता और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) दीक्षा शर्मा, ए.सी.पी विनय द्विवेदी और थाना प्रभारी चिनहट दिनेश चंद तिवारी के नेतृत्व में संपन्न हुई।
पूछताछ के दौरान सामने आई कहानी बेहद खौफनाक है। आरोपी पिता ने स्वीकार किया कि वह अपनी बेटी के व्यवहार से परेशान था और समाज में बदनामी के डर से उसने अपनी ही बेटी को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। उसने अपने परिचित अब्दुल मनान को इस साजिश में शामिल किया और 13 अप्रैल 2026 को एक किराए की कार लेकर अपनी बेटी को झाड़-फूंक कराने के बहाने घर से बाहर ले गया। चिनहट तिराहे से अपने साथी को साथ बैठाकर दोनों सुल्तानपुर की ओर निकल पड़े। रास्ते में एक ढाबे पर रुककर खाना खाया और रात बिताई, लेकिन उनके मन में पहले से ही हत्या की योजना चल रही थी।
अगले दिन जब दोनों वापस लौट रहे थे, तो उन्होंने सुनसान जगह की तलाश शुरू कर दी। बाराबंकी रोड पर देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच उन्होंने कार को एक सुनसान स्थान पर रोका। उस समय मासूम बेटी कार की पिछली सीट पर सो रही थी। तभी दोनों ने मिलकर उसे दबोच लिया। आरोपी पिता ने उसका गला दबाया, जबकि साथी ने गमछे से कसकर उसकी सांसें हमेशा के लिए छीन लीं। मासूम ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन हैवान बने पिता और उसके साथी के आगे उसकी एक न चली और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद भी दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। आरोपियों ने पहचान मिटाने के लिए बेटी के चेहरे पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे जला दिया, ताकि शव की पहचान न हो सके। इसके बाद दोनों ने शारदा नहर के पास गाड़ी रोकी और शव को नहर में फेंक दिया और फरार हो गए। यह पूरी घटना इतनी
https://youtu.be/SrMpXVgWib4?si=RGHkV1kObMJgxaPo
सुनियोजित और क्रूर थी कि किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 16 अप्रैल 2026 को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलते ही चिनहट पुलिस और सर्विलांस टीम हरकत में आई और मामले की गहन जांच शुरू की गई। पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और संदिग्धों से कड़ी पूछताछ की। आखिरकार पुलिस की मेहनत रंग लाई और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन (UP32ST1780) तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए। दोनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे में पुलिस टीम का सराहनीय योगदान रहा। थाना चिनहट से उ0नि0 अजय कुमार, उ0नि0 मनोज कुमार, उ0नि0 धनंजय कुमार सिंह, उ0नि0 दीपक पाण्डेय, उ0नि0 विकास तिवारी, हे0का0 राजकुमार के साथ-साथ सिपाही स्तर पर का0 अजय यादव, का0 प्रदीप कुमार, का0 विमल चन्द्र पाल और का0 दलवीर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं क्राइम/सर्विलांस टीम (पूर्वी जोन) से उ0नि0 अमरनाथ चौरसिया और हे0का0 संदीप पाण्डेय का भी विशेष योगदान रहा, जिनकी सक्रियता और तकनीकी दक्षता के चलते इस जघन्य अपराध का जल्द खुलासा संभव हो सका।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस की सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और मजबूत जांच प्रणाली का उदाहरण है, जिसने एक बेहद शर्मनाक और दर्दनाक घटना के आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। यह घटना समाज के लिए एक कड़ा संदेश भी है कि अपराध चाहे जितना सुनियोजित क्यों न हो, कानून के हाथ उससे कहीं ज्यादा लंबे होते हैं।
ज्ञान सिंह एडिटर सार्थक टाइम्स










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