
डीसीपी की निगरानी में जांच तेज, राहत-बचाव में सैकड़ों कर्मी तैनात — मेडिकल टीम भी अलर्ट मोड में
लखनऊ सार्थक टाइम्स
राजधानी लखनऊ के थाना विकास नगर क्षेत्र में टेढ़ी पुलिया के पास मंगलवार देर रात भीषण अग्निकांड से हड़कंप मच गया। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 120 झुग्गियां जलकर राख हो गईं, जिससे लगभग 100 परिवार बेघर हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के समय अधिकतर लोग अपने घरों में मौजूद थे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। लोग किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकले, जबकि उनका सारा घरेलू सामान, कपड़े, बिस्तर और जरूरी दस्तावेज आग की भेंट चढ़ गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 22 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि झुग्गी बस्ती में बिजली के तारों का जाल फैला हुआ था, जिससे इस तरह की घटना का खतरा पहले से बना हुआ था।
नया एंगल: पहले मिला था खाली करने का नोटिस
इस घटना में एक अहम पहलू भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, टेढ़ी पुलिया के पास रहने वाले इन झुग्गीवासियों को कुछ दिन पहले ही मकान मालिक द्वारा जगह खाली करने के लिए कहा गया था। ऐसे में आग लगने की घटना को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस और प्रशासन इस एंगल से भी जांच कर सकते हैं।
भगदड़ में 6 बच्चे लापता, रातभर चला सर्च ऑपरेशन
आग के दौरान मची भगदड़ में दो परिवारों के 6 बच्चे लापता हो गए थे, जिनमें एक परिवार के 4 और दूसरे के 2 बच्चे शामिल थे। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
रात करीब 11:20 बजे तक 4 बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया, जबकि 2 बच्चों की तलाश देर रात तक जारी रही। बच्चों के मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और मौके पर भावुक दृश्य देखने को मिले।
30 घर खाली, 24 गैस सिलेंडर निकाले
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के करीब 30 घरों को एहतियातन खाली कराया। बस्ती में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर मौजूद थे, जिससे विस्फोट का खतरा बना हुआ था। रेस्क्यू टीम ने जान जोखिम में डालकर 24 सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। बस्ती सील, फॉरेंसिक जांच शुरू
घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया और फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों और प्रभावित लोगों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, नगर निगम और राहत दल तैनात रहे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की निगरानी डीसीपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही सहायक पुलिस आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने घटना के हर पहलू की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने राहत एवं बचाव कार्य संभाला। घायलों और प्रभावित लोगों के लिए मेडिकल टीमों उपस्थित है। करीब 100 झुग्गियां आग की चपेट में आकर जलकर खाक हो गईं।
रेस्क्यू के दौरान 24 गैस सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
मौके पर लगभग 200 पुलिसकर्मी, 50 नगर निगम कर्मी, 50 स्वास्थ्य कर्मी और 25 अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात रहे। यह हादसा एक बार फिर शहरी झुग्गी बस्तियों में सुरक्षा मानकों की गंभीर खामियों को उजागर करता है। फिलहाल प्रशासन द्वारा राहत कार्य जारी है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया गया है।
पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और SDRF, NDRF व अग्निशमन की टीमों को मौके पर लगाया गया। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई जनहानि नहीं हुई है और आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
इसके बाद डिप्टी मुख्यमंत्री बृजेश पाठक मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया और घटना की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए।
फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। यह हादसा एक बार फिर झुग्गी बस्तियों में सुरक्षा व्यवस्था और बिजली प्रबंधन की गंभीर खामियों को उजागर करता है।
ज्ञान सिंह सार्थक टाइम्स








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