
लखनऊ – सार्थक टाइम्स| ज्ञान सिंह ब्यूरो
राजधानी लखनऊ में पुलिस प्रशासन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। 15 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत कई राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की तैनाती में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल को राजधानी की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जारी आदेश के अनुसार तेज-तर्रार महिला आईपीएस अधिकारी रवीना त्यागी को पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ट्रैफिक, लखनऊ के पद पर तैनात किया गया है। अब राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, जाम की समस्या को कम करने और यातायात नियमों के सख्ती से पालन कराने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।

आईपीएस रवीना त्यागी वर्ष 2014 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की अधिकारी हैं। उन्होंने बी.टेक (बायोटेक्नोलॉजी) की पढ़ाई के बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान प्राप्त किया। अपने सेवा काल के दौरान रवीना त्यागी ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वह कानपुर नगर में एसपी साउथ के पद पर रह चुकी हैं, जहां उन्होंने कानून व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए। बाद में उन्हें एसपी सीबीसीआईडी कानपुर की जिम्मेदारी भी सौंपी गई, जहां उन्होंने गंभीर अपराधों की जांच और अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अलावा वह महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े विभागों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी सेंट्रल तथा डीसीपी इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी जैसे अहम पदों पर कार्य कर चुकी हैं। इन पदों पर रहते हुए उन्होंने अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और आधुनिक पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए कई पहल कीं।
वहीं दूसरी ओर कमलेश दीक्षित को पुलिस उपायुक्त अपराध के पद से हटाकर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कमलेश दीक्षित अपने कुशल प्रशासनिक कार्यों और सख्त पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं। पुलिस उपायुक्त अपराध के पद पर रहते हुए उन्होंने राजधानी में कई संगठित अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई की और अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। उनके कार्यकाल के दौरान पुलिस की सक्रियता और बेहतर समन्वय के कारण शहर में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम योगदान रहा।
ट्रैफिक और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में भी उनकी कार्यशैली को सराहा गया है। उनके नेतृत्व में कई क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने और पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास किए गए, जिससे राजधानी की व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद मिली। इसके अलावा अनिल कुमार यादव जो अब तक पुलिस उपायुक्त मुख्यालय के पद पर तैनात थे, उन्हें पुलिस उपायुक्त अपराध के साथ-साथ लाइसेंस/भवन शाखा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। पुलिस विभाग में किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को राजधानी में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों की नई तैनाती से पुलिस व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में बेहतर तालमेल की उम्मीद जताई जा रही है।
ज्ञान सिंह सार्थक टाइम्स








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