
लखनऊ-सार्थक टाइम्स
राजपूत करणी सेना, उत्तर प्रदेश द्वारा यूजीसी एक्ट के विरोध में एक महत्वपूर्ण बैठक एवं विरोध कार्यक्रम आयोजित किया गया। संगठन ने यूजीसी एक्ट को सामान्य वर्ग के हितों के विरुद्ध बताते हुए इसे काला कानून करार दिया और केंद्र सरकार से इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश सिंह ने कहा कि यूजीसी एक्ट के अंतर्गत यदि किसी सामान्य वर्ग के व्यक्ति पर शिकायत दर्ज कराई जाती है और जांच में वह शिकायत झूठी पाई जाती है, तो भी शिकायतकर्ता के विरुद्ध किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। यह व्यवस्था न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है और सामान्य वर्ग के लोगों के साथ अन्याय को बढ़ावा देती है।
उन्होंने कहा कि इस कानून के चलते समाज में भय का माहौल बन रहा है और निर्दोष लोगों को मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। संगठन इस प्रकार के भेदभावपूर्ण कानून को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।

राजपूत करणी सेना ने माननीय प्रधानमंत्री से मांग की कि यूजीसी एक्ट को या तो पूरी तरह से निरस्त किया जाए अथवा इसमें आवश्यक संशोधन कर सामान्य वर्ग के लोगों को न्याय और सुरक्षा प्रदान की जाए।
कार्यक्रम में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह परिहार, प्रदेश महामंत्री दुर्गेश सिंह, जिला अध्यक्ष लखनऊ राजेंद्र सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री विकास सिंह, प्रदेश महासचिव नंबर सिंह तथा अतुल सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने एक स्वर में यूजीसी एक्ट का विरोध किया और सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
राजपूत करणी सेना ने स्पष्ट किया कि संगठन संविधान, समानता और न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और समाज में किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ संघर्ष करता रहेगा।
ज्ञान सिंह – सार्थक टाइम्स








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