सार्थक टाइम्स
अंबेडकरनगर। जनपद के गोवर्धनपुर स्थित माँ सिद्धेश्वरी मंदिर प्रांगण में उस समय भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज दो दिवसीय रात्रि विश्राम एवं पादुका पूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। उनके आगमन पर श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया और पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल बन गया।

यह आयोजन गोवर्धन फाउंडेशन के तत्वावधान में किया गया, जिसकी अध्यक्षता बृजमोहन उपाध्याय द्वारा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ जनमानस को आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम के प्रथम दिन शंकराचार्य जी के सानिध्य में पादुका पूजन, वेद मंत्रों के उच्चारण और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर पादुका पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। जिसमें शंकराचार्य जी ने धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित पर अपने विचार व्यक्त करते हुए लोगों को नैतिक जीवन जीने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जैसे हमारे शरीर में चार वर्ण हैं इस प्रकार हमारे समाज में चार वर्ण बनाए गए हैं इसमें कोई भी उच्च नीच नहीं है आवश्यकता पड़ने पर हर काम हर लोग किया करते हैं।

दूसरे दिन प्रातःकालीन पूजा-अर्चना के बाद शंकराचार्य जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि “सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जो मानवता, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।” उन्होंने समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया। स्थानीय प्रशासन एवं स्वयंसेवकों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, धर्मप्रेमी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।इस अवसर पर गोवर्धन फाउंडेशन के अध्यक्ष बृजमोहन उपाध्याय ने सभी आगंतुकों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी के सहयोग की सराहना की।
दिनेश कुमार चौधरी
सार्थक टाइम्स
अंबेडकर नगर








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